वराह घाट जहां शाम को आरती होती है
ब्रह्मा घाट
सावित्री माता मंदिर
old door of a house
ब्रह्मा घाट
गुरुद्वारा साहिब-.
श्री गुरु नानक देव जी 1511 में श्रीलंका से वापस आते समय अजमेर और पुष्कर में आये थे। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी तलवंडी साबो से नांदेड़ जाते समय यहां आये थे।
राम वैकुंठ नाथ स्वामी मंदिर,
जिसे 'न्यू रंग नाथ जी मंदिर' के नाम से भी जाना जाता है, भक्ति और स्थापत्य कला की उत्कृष्टता का एक भव्य प्रतीक है। यह विशाल परिसर 20 बीघा भूमि पर फैला हुआ है।
वराह मंदिर
वराह मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी ईस्वी में राजा अनाजी चौहान ने करवाया था। वराह मंदिर को नष्ट कर दिया गया था, और फिर 18वीं शताब्दी में इसका पुनर्निर्माण किया गया।
0ld rang ji mandir
1823
में हैदराबाद के एक अमीर व्यापारी द्वारा बनवाया गया यह मंदिर, दक्षिण भारतीय, राजपूती और मुग़ल वास्तुकला शैलियों का mixture
है; इसकी पहचान इसके ऊँचे गोपुरम मीनार बारीक नक्काशी और शानदार भीतरी सज्जा से होती है।
welcome gesture by local police
local man in traditional dress





