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Thursday, 9 October 2025

TAMIL NADU - TOURIST PLACES

 


TAMIL NADU - TOURIST PLACES 

Historical and Cultural Sites:

Mahabalipuram:

Kanchipuram:

Madurai:

Thanjavur:---Brihadeeswarar Temple, a UNESCO World Heritage site,

Vellore:-the Vellore Fort, a historic fort known for its architecture and historical significance.

Tiruchirappalli:Rock Fort Temple and Sri Ranganathaswamy Temple, a significant pilgrimage site.

Chennai: The capital city,

Velankanni: A popular pilgrimage town known for the Basilica of Our Lady of Good Health.

Coimbatore: A major industrial city with temples and other attractions.

Hogenakkal Falls: A scenic waterfall known for its therapeutic waters and boat rides.

Hill Stations:

Ooty:

Kodaikanal:

Yercaud:

Coonoor

Yelagiri:

Beaches:

Marina Beach (Chennai):

Kanyakumari:

Rameswaram:


गेहूं का हलवा तमिलनाडु की प्रसीद मिठाई है मदुराई मे आपको हलवे की बहुत दुकाने मिलेगी परन्तु इस हलवे की खोज मदुरै  से 150  किलोमीटर दूर तिरु नेल वेली  नामक स्थान पर हुई   -    इसे गोधुमाई हलवा या  तिरुनेलवेली हलवा भी कहा जाता है ।स्थानीय भाषा मे इसे  'इरुतु कड़ाई हलवा' भी कहा जाता है। तिरुनेलवेली हलवे को इज्जाद करने का  श्रेय राजपूत शेफ Mr. Jegan Singh,को जाता है

 इरुतुकादाई हलवा नामक एक दुकान ने लोकप्रिय बनाया, जो 1882  में खोली गई थी और जो केवल evening सूर्य उधय के समय ही मिठाई बेचते थे

 हलवा बनाना एक जटिल काम है ,  भीगे हुए गेहूँ को हाथ से पीसकर तीन बार दूध निकाला जाता है , उसे कुछ घंटों के लिए रखा जाता था और फिर उसे  , घी,  चीनी और काजू के साथ धीमी आँच पर पकाकर और हिलाकर पकाया जाता है। इसमें लाल गेहूँ का इस्तेमाल किया जाता है

 

गेहूँ का हलवा बनाने के दो तरीके हैं।

 

पारंपरिक विधि: इस विधि में गेहूँ के दानों को भिगोकर, दूध निकालकर, मनचाहा गाढ़ापन आने तक पकाया जाता है। हालाँकि इसमें समय लगता है, लेकिन स्वाद बहुत अच्छा होता है।

आसान विधि: यह गेहूँ के आटे से बनने वाली सबसे आसान विधियों में से एक है, जिसमें स्वाद से कोई समझौता नहीं किया जाता। हालाँकि इस विधि में आटे को भिगोना पड़ता है, लेकिन दूध निकालने में पारंपरिक विधि जितनी मेहनत और समय नहीं लगता।

Wheat (samba): 1kg

Sugar: 4 kg

Ghee: 3 kg

आटा हलवा

बादाम हलवा

दूध का हलवा


Monday, 1 April 2024

थार रेगिस्तान का प्रवेश द्वार है -चूरू

 


राजस्थान -जिसको पहले राजपुताना नाम से भी जाना जाता था राजपुताना का शाब्दिक अर्थ है  राजपूतों का देश -किलों से लेकर झीलों तक.- पिंक सिटी  से लेकर सन सिटी तक राजस्थान राजस्थान अद्भुत विरासत के दर्शन करने का मौका देता है. इसके अलावा आप देखते है थार का  रेगिस्तान----- थार रेगिस्तान  का प्रवेश द्वार है -चूरू


शेखावाटी राजस्थान के सीकर, झुन्झुनू, और चूरू ज़िलों को मिलाकर बना है। शेखावाटी

शेखावटी नाम यहाँ के शासक 'राव शेखा' के नाम से रखा गया है।  शेखावाटी दो शब्दों के मेल से बना है शेखा तथा वटी शेखा अर्थात यहाँ के शासक 'राव शेखा' ,वटी अर्थात  बगीचा'  शेखावटी का मतलब है- 'शेखा का बगीचा'।–

अपनी कलात्मक उम्दा नक्काशी तथा भित्ति चित्रों  विशाल हवेलियों के लिए प्रसिद्ध हैं । ये हवेलियाँ कई मंजिला होती थी  यहाँ की ज्यादातर इमारतें अठारहवी शताब्दी से लेकर बीसवीं शताब्दी के आरंभ तक की है



चूरू दिल्ली से 250 कम दूर है  चूरू अपनी हवेलियों तथा उसपे किये गए फ्रेस्को आर्ट के चित्रों के कारण पूरी दुनियाँ मे प्रसिद्द है


1.       कन्हैयालाल बागला हवेली 1880 में कन्हैयालाल बागला द्वारा निर्मित हैं  



2चूरू सुराणा की हवेली में 1100 दरवाजे एवं खिड़कियाँ हैं।

3.       जैन मंदिर





4.     सेठानी का जोहरा चूरू से 5 किमी है। सेठानी का जोहरा, एक जलाशय है जिसका निर्माण 1899 ई. अकाल  के दौरान भगवान दास बागला की विधवा ने किया था।  टैंक के चारों ओर पंद्रह अष्टकोणीय छतरियां हैं।




5.       भगवान श्री "बाबोसा महाराज" को भगवान श्री "बालाजी महाराज" या "हनुमान जी" के अवतार के रूप में पूजा जाता है "..




6.       चूरू दुर्ग . आठ कंभ छतरी यहाँ के प्रसिद्ध एतिहासिक स्थल है। जो खंडहर हो चुके हैं या बहुत बुरे हालात में है









मण्डावा में सागरमल लाडिया, रामदेव चौखाणी तथा रामनाथ गोयनका की हवेली, डूंडलोद ,मुकुन्दगढ़ कानोड़िया चिड़ावा .महनसर ,श्रीमाधोपुर , लक्ष्मणगढ़ की हवेली. महनसर में स्थित सोने के दुकान नामक हवेली प्रसिद्ध है। हर हवेली मै लक्ष्मी चौक। ब्रह्म चौक  मैन चौक, बैठक होता है -ब्रह्म चौक मे मृत्यु सम्बन्धी संस्कार किये जाते थे

केर सांगरी की सब्जी, गट्टे की सब्जी, खट्टा, मंगोड़ी, रबड़ी स्थानीय भोजन हैं.


Monday, 17 July 2023

darjeeling famous food joints

 

Shyaa Phaley- शाफले  - तिब्बती व्यंजन जो मांस से भरा हुआ फ्लैटब्रेड से बनाया जाता है गोलाकार या अर्ध-गोलाकार आकार दिए जाने पर, इस व्यंजन को डीप फ्राई किया जाता है और मसालेदार चटनी और सूप के साथ गर्मागर्म परोसा जाता है।


Tibetan Thukpa— थुकपा

थुकपा मूल रूप से मीट सूप में परोसे जाने वाले नूडल्स का एक रूप है। सूप में सब्जियाँ भी शामिल हैं और इसे ताजे हरे प्याज और कटे हुए धनिये से सजाया गया है।  अमदो थुकपा एक लोकप्रिय संस्करण है। तिब्बत के पूर्वी क्षेत्र में उत्पन्न, थुकपा अब पड़ोसी देशों नेपाल, भूटान और कई पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों सिक्किम, असम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में एक प्रमुख व्यंजन है।



aloo Achar- आलू अचार-

यह  उबले हुए आलू से बनाया जाता है, जबकि स्थानीय मिर्च, सरसों, तिल और मेथी के बीज का बारीक पेस्ट बीच में बनता है।

Kwati – कवाटी

 नेपाली व्यंजन - क्वाती एक मिश्रित सूप है जो 9 विभिन्न प्रकार की अंकुरित फलियों को उबालकर गन पुनही के त्योहार के दौरान बनाया जाता है।

Aaloo Tama— आलू तमा

आलू और बांस के अंकुरों से तैयार अत्यधिक स्वादिष्ट करी। आलू को गर्म तेल में पकाया जाता है और इसमें मसाले डाले जाते हैं. इसके बाद, तले हुए बांस के अंकुर डाले जाते हैं। अंत में, मिश्रण में लहसुन, टमाटर और नींबू मिलाया जाता है।:


Type of nepali soups

Gundruk-- किण्वित ( fermented) हरी पत्तेदार सब्जियाँ जैसे सरसों के पत्ते और पालक से तैयार

sinki soup (fermented vegetable soup).

kinema curry (fermented soybean)

Wachipa--- कीमा चिकन, चावल और चिकन के जले हुए पंखों से बने पाउडर से बनाया जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि वचीपा शरीर के दर्द को ठीक कर सकता है

Sel Roti--- हल्की मीठी अंगूठी के आकार की रोटी। मुख्य रूप से त्योहारों के दौरान तैयार किया जाता है।



Pork Curry -

Budget restaurants on Gandhi Road and Nehru Road

Glanery –maal road – Bakery

Keventer—English break fast- maal road


Ara- oppo- fountain-chinese and indian

Park – opp municipal office  thai food


Penang-nepali thali - laden la rd-

Nanking Restaurant, Kunga Restaurant—Nepali soups


अयोध्या-SRI RAM MANDIR

  सरयू नदी के तट पर बसी , ऐतिहासिक नगरी , प्रभु श्री राम की जन्मस्थली , मोक्षदायिनी अयोध्या , भारत के   सात पवित्र नगरों मे...