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Tuesday, 29 July 2025

musical pillar temple -kanyakumari -

 


जब आप बात करते है दक्षिण भारत की वहां की हवाओं ,मंदिरों मे अलौकिक गूंज सुनाई देती है दक्षिण भारत की अपनी यात्रा में हमने पाया
कि तमिलनाडु के मंदिर न केवल वास्तुकला और इतिहास का खजाना हैं, बल्कि यह राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी प्रतीक हैं।

आपने ऐसे मंदिरो के बारे सुना होगा जिसमे पत्थर  के खम्बों को बजाने  से संगीत की ध्वनि  पैदा की जा सकती है इन्हे musical pillar भी कहां जाता है


यह म्यूजिकल पिलर आप  तमिल नाडु के मदुराई  में स्थित  मिनाक्षी मंदिर के 1000 पिलर हॉल मे

 ,त्रिनवलेली के विष्णु मंदिर , ,कन्याकुमारी के  सुचिंद्रम मंदिर  , केरल के त्रिवेंद्रम के पद्मास्वामी

मंदिर मे  thatha अजंता की गुफा मे देख सकते है यह ग्रेनाइट से बने है   सबसे इंटरेस्टिंग है

ट्रिनोवेल्ली के विष्णु मंदिर के खम्बे -जो अलग अलग साइड से बजाने पर  2 आवाजें निकालते है


 सुचिन्द्रम में नाम संस्कृत शब्द "सुचि" से लिया गया है,  जिसका अर्थ है"शुद्धिकरण"न्द्रम yani -  इंद्र द्वारा किया गया शुद्धिकरण। ऐसा माना जाता है कि इंद्र प्रतिदिन  आधी रात की पूजा  करने के लिए मंदिर आते हैं। मंदिर को नारायणी शक्तिपीठम के रूप में जाना जाता है, जहाँ माना जाता है कि सती के दाँत गिरे थे।  


सुचिंद्रम मंदिर में अनगिनत और अद्भुत  विशेषताएँ हैं। यह मंदिर त्रिमूर्ति- भगवान ब्रह्मा, भगवान

विष्णु और भगवान शिव को समर्पित है।

A pond out side temple


Pond-- Theppakulam   यह लगभग चार एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसका माप 450 फीट गुणा 380 फीट और गहराई 15 फीट है।  थेप्पाकुलम के केंद्र में थेप्पामंडपम है, जिसे 13 स्तंभों द्वारा सहारा दिया गया है और इसमें एक गोपुरम है।



मंदिर परिसर लगभग दो एकड़ में फैला हुआ है और इसमें दो प्रवेश द्वार हैं जिन्हें गोपुरम कहा जाता है। मुख्य टॉवर, जिसे राजा गोपुरम के नाम से जाना जाता हैहालाँकि यह मंदिर तमिलनाडु में है, लेकिन  पूजा अनुष्ठान केरल शैली की परंपरा का पालन करते हैं।


यहाँ प्रवेश करने से पहले पुरुषों को अपनी शर्ट या टी-शर्ट उतारनी चाहिए,  इसमें 17वीं शताब्दी की शानदार नक्काशी और 1035 स्तंभों वाला एक नृत्य मंडप है।  एक और मुख्य आकर्षण शंख के चूर्ण से बनी एक विशाल नंदी भगवान मूर्ति है,


 सबसे आकर्षक दृश्यों में से एक 22-foot  भगवान हनुमान मूर्ति है, जो एक ही चट्टान से बनी है  इस हनुमान का एक असामान्य पहलू यह है कि उनकी पूंछ का अंत उनके सिर के ऊपर रहता है।

इसके अतिरिक्त, आपको भगवान धर्मराज  की मूर्ति मिलेगी। इसकी सबसे आश्चर्यजनक विशेषता मूर्ति के कानों को जोड़ने वाला छोटा सा छेद है, जिसे उनके बीच से एक पतली छड़ी डालकर प्रदर्शित किया जाता है।

 


 नंदी भगवान के बगल में एक विशाल गरुड़ भगवान की मूर्ति है, दोनों गर्भगृह में अपने-अपने देवताओं के सामने हैं।


मंदिर के भीतर देवताओं, मंडपों और sacred symbols  वास्तु सिद्धांतों का पालन करते हुए cosmic energies के प्रवाह को अनुकूलित करने के लिए डिज़ाइन की गई है


Tuesday, 22 July 2025

KODAIKANAL


मदुराई से आप केवल सड़क मार्ग से ही आप कोडाइकनाल पहुंच सकते है मदुराई शहर मे तीन बस स्टेशन है यदि आप कन्याकुमारी यां रामेश्वरम की यात्रा करना चाहते है तो अलग बस स्टैंड से बस मिलेगी -कोडाईकनाल के लिए अलग बस स्टैंड से -सीजन मे टूरिज्म की बस भी चलती है -बस सुबह बजे से शुरू हो जाती है -रास्ता तो केवल 116 किलोमीटर है परन्तु single road है वो भी हिल्ली एरिया तो समय ज्यादा लगता है

                                           these type of decorated buses are run for tourist 

in the year of 1845.ब्रिटिश मिशनरी ने इसे खोजा था


BRYAN PARK
 





LA SALETH CHURCH

ला सलेथ  चर्च  - गेट पर लगे डिस्प्ले  बोर्ड पर इस चर्च का इतिहास अंकित है नीले आसमान  के नीचे नीले रंग से रंगे इस चर्च कीख़ूबसूरती हरियाली वादियों मे  एक खूबसूरत नज़ारा पेश करती  है   डिस्प्ले  बोर्ड  अनुसार एक फ्रेंच मशीनरी  ने दुःख के समय मन्नत मांगी थी  



फलस्वरूप
  ला सलेथ  चर्च  का निर्माण 1863  में हुआ था और यह फ्रांसीसी वास्तुकला का उदहारण   है।  यहाँ १४ अगस्त को लोग प्रार्थना करने आते है





the king CHURCH 




a pic out side la saleth church 


GUNA CAVES






LAKE 

कोडईकनाल  शहर का दिल है यहाँ की झील - 3 मीटर की गहराई वाली तारे के आकार की कृत्रिम झील 1863 में बनाई गई थी, झील में प्रवेश शुल्क नहीं है। आप सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे के बीच यहाँ सकते हैं।

 झील के पास कोडईकनाल बोट क्लब भी है। आप यहाँ बोटिंग कर सकते है  यहाँ घर में बनी चॉकलेट, गरमागरम चाय, स्नैक्स और कपड़े उपलब्ध हैं।








OBSERVATORY 



PILLAR ROCKS 

ग्रेनाइट की यह चट्टानें 400 feet हाइट की है इसके लिए आपको एंट्री टिकट लेनी है कैमरा का टिकट अलग से देना होगा इस व्यू पॉइंट के पास तीन विशाल हाथियों की मूर्तियां लगायी गयी है









ROSE GARDEN 




















OBSERVATORY



VIEW POINT

हमारा अगला डेस्टिनेशन था सुसाइड पॉइंट -राजकपूर की प्रसीद फिल्म बॉबी का क्लाइमेक्स यहाँ शूट किया गया था -जिस सीन मे हीरो ऋषि कपूर तथा डिंपल कवाडिया गहरी नदी मे कूद जाते है -धीरे धीरे यहाँ इतने प्रेमी जोड़ो ने सुसाइड की जगह  नाम ही सुसाइड पॉइंट रख दिया -आज यहाँ मार्कीट है सुरक्षा कारणों से इस पॉइंट को जाली से बंद कर दिया गया है


SILVER FALL









 

गुह्येश्वरी शक्तिपीठ -बूढ़ा नीलकंठ मंदिर -- Chandra giri Hills --Garden of dreams

नेपाल का बूढ़ा नीलकंठ मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित   है,शेषनाग पर शयन मुद्रा में भगवान की 5 मीटर लंबी विशाल मूर्ति पानी में तैरती हुई प्रती...