Wednesday, 22 March 2023

ऋषिकेश

 

गंगा नदी के दाहिने किनारे पर स्थित, ऋषिकेश हिमालय की तलहटी मे भारत के  उत्तरखण्ड-प्रदेश  में स्थित है


 योग , ट्रैकिंग, बंजी जम्पिंग रिवर राफ्टिंग के इलावा  "विश्व की योगनगरीएवं   हिन्दू   धर्म के जिज्ञासु लोंगो का केंद्र  आस्था-अध्यात्म की पावन नगरी , , हिन्दुओं का   तीर्थस्थल, ,  यह शहर हरिद्वार se  25 कि.मी. और राजधानी देहरादून से 43 कि.मी. है।

 प्राकर्तिक सौन्दर्यता, शांत वातावरण, धार्मिक मान्यता एवं   गंगा नदी ऋषिकेश को अतुल्य बनाती है | ऋषिकेश दो शब्दों के संयोजन से बना है , “ऋषिकऔरएश” | “ऋषिकका अर्थ हैइन्द्रियाऔरएशका अर्थ हैभगवान या गुरु” | स्कन्द पुराण में, इस क्षेत्र को कुब्जाम्रक के रूप में जाना जाता है,


ऋषिकेश समय-मय पर विभिन्न मिथकों और किंवदंतियों से जुड़ा रहा है। सबसे पुरानी किंवदंतियों में से एक ऋषि रैभ्य ऋषि की है जिन्होंने गंगा नदी के तट पर तपस्या की थी। उनकी साधना से प्रभावित होकर भगवान विष्णु स्वयं ऋषिकेश के रूप में उनके सामने प्रकट हुए।

भगवान राम के छोटे भाई, लक्ष्मण से जुड़ी ऋषिकेश की एक और किंवदंती है, जिन्होंने एक बार इसी स्थान पर रस्सी से बने पुल पर गंगा नदी को पार किया था। हालाँकि, जूट से बना मूल पुल (लक्ष्मण के सम्मान में) 1924 की बाढ़ में नष्ट हो गया था। झूले के बीच में पहुँचने पर वह हिलता हुआ प्रतीत होता है। 450 फीट लम्बे इस झूले के समीप ही लक्ष्मण और रघुनाथ मन्दिर हैं। वर्तमान पुल   विकतमसंवत 1929  में बनवाया गया था। पूरा पुल लोहे का बना है और नदी से करीब 70 फीट की ऊंचाई पर स्थित है


दूसरी
कहानी कहती है किभरतभगवान राम के भाई ने इस स्थान पर तपस्या की , जिसके बाद ऋषिकेश मेंभरत मंदिरबनाया गया |

ऋषि कुंड-ऋषि कुंडएक प्राकृतिक गर्म पानी का तालाब है, लोगों का यह भी मानना है कि भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान कुंड में स्नान किया था

प्रसिद्ध घूमने के स्थल

लक्ष्मण झूला ,राम झूला ,परमार्थ आश्रम, गीता भवन,  त्रिवेणी घाट, स्वर्ग आश्रम ,तेरह मंजिला मंदिर,

  राम झूला पार करते ही गीता भवन है 1996 मे राम झूला बनाया गया था


ऋषिकेश से 18 किलोमीटर की दूरी पर देहरादून के निकट जौली ग्रान्ट एयरपोर्ट नजदीकी एयरपोर्ट है। ऋषिकेश का नजदीकी रलवे स्टेशन ऋषिकेश है






No comments:

Post a Comment

गुहेश्वरी shaktipeeth -boudhnath stupa -nepal -kathmandu

SHAKTIPEETH KATHMANDU  यहां गिरा था माता सती का घुटना इस मंदिर को गुहेश्वरी और गुजेश्वरी के नाम से भी जाना जाता है। अष्टमी...