नेपाल की "गंगा",यानि बागमती नदी नेपाल की सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण नदियों में से एक है - जिसके के किनारे , बने घाटौं पर राजा से लेकर रंक तक सभी का अन्तिम संस्कार किया जाता है
'मृत्यु' का अर्थ केवल शरीर का छूटना नहीं, बल्कि सांसारिक माया का अंत होना है जो मोक्ष का मार्ग है आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह मंदिर जीवन, मृत्यु और परम मोक्ष का संगम माना जाता है
राख जीवन का परम सत्य है शरीर की राख ही वह सच्चाई है जो मृत्यु के बाद शेष बचती है। साधुओं, अघोरियों और योगियों की तपोभूमि जिसके के वातावरण में तांत्रिक साधनाओं और वैदिक अनुष्ठानों का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है यहाँ 500 से ज्यादा मंदिर ,लाशों से उठते धुंए और आरती की थाली से कपूर की महक एक अद्भुत अध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करती है।
आज हम आपको ले कर चलेंगे दुनिया
के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण हिंदू मंदिरों में से एक पशुपतिनाथ जी के मंदिर , जो नेपाल
की राजधानी काठमांडू में बागमती नदी के तट पर स्तिथ है मंदिर परिसर 264-hectare में
फैला है
गर्भगृह सुबह 4 am to 12 noon शाम को 5 pm to 9 pm तक खुलता है नेपाल देश भले ही छोटा हो, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से यह खासा महत्वपूर्ण है।
यहाँ 500 से ज़्यादा मंदिर
हैं जो लकड़ी की छतों से सुसज्जित है हिंदुओं के अंतिम संस्कार के लिए खुले में बने
घाट भी हैं। मंदिर मैं प्रवेश ,सिर्फ़ हिंदू धर्म के मानने वालों के लिए है। जो लोग हिंदू नहीं हैं, वे बागमती नदी के दूसरी
ओर बनी छतों से इसकी शानदार बनावट और पूरे परिसर को देख सकते हैं।
मुख्य मंदिर भगवान शिव के
पांच मुखी स्वरूप को समर्पित है। यह मंदिर नेपाल में शिव का सबसे पवित्र मंदिर माना
जाता है।पशुपति'का अर्थ है सभी जीव-जंतुओं
के रक्षक
पहला लिखित इतिहास लगभग 400 ईसा पूर्व (लगभग 1600 वर्ष पुराना) का मिलता है। छठी-सातवीं सदी में लिच्छवी राजाओं ने इसे एक व्यवस्थित संरचना प्रदान की । पुरानी कथाओं के अनुसार भगवान शिव यहाँ पशुपति (सभी जीव-जंतुओं के रक्षक) के रूप में विराजमान हैं। 15 वीं शताब्दी के राजा प्रताप मल्ल से शुरु हुई परंपरा है कि मंदिर में चार मेंपुजारी (भट्ट) और एक मुख्य पुजारी (मूल-भट्ट) दक्षिण भारत के ब्राह्मणों में से रखे जाते हैं।
यूनिस्को ने इसे सन 1979 मैं शामिल
किया था मूल मंदिर कई बार नष्ट हुआ। इसे वर्तमान
स्वरूप नरेश भूपतेंद्र मल्ल ने 1697 में प्रदान किया।आज का मुख्य मंदिर लकड़ी की बारीक
नक्काशी वाले पारंपरिक नेपाली पगोडा शैली में बना है। यह नेवारी पगोडा शैली का एक उत्कृष्ट
उदाहरण है, जिसकी छतें तांबे और सोने से बनी हैं। इसमें चांदी के दरवाजे और पत्थर का
चौकोर आधार है
मंदिर के ठीक सामने आर्य घाट
है, जहाँ प्राचीन काल से अंतिम संस्कार होते आ रहे हैं। इसे मोक्ष का केंद्र माना जाता
है। पशुपतिनाथ
मंदिर में बलि दी जाती है
इससे कई पौराणिक कहानियां भी जुड़ी हुई हैं। इनमें से एक कहानी इस तरह है- कुरुक्षेत्र की लड़ाई के बाद अपने ही बंधुओं की हत्या करने की वजह से पांडव बेहद दुखी थे।लेकिन शिव नहीं चाहते थे कि जो जघन्य कांड उन्होंने किया है, उससे उनको इतनी आसानी से मुक्ति दे दी जाए। इसलिए पांडवों को अपने पास देखकर उन्होंने एक बैल का रूप धारण कर लिया और वहां से भागने की कोशिश करने लगे।शिव जमीन में लुप्त हो गए और जब वह पुन: अवतरित हुए, नेपाल के पशुपतिनाथ में उनका मस्तक गिरा था और तभी इस मंदिर को तमाम मंदिरों में सबसे खास माना जाता है। केदारनाथ में बैल का कूबड़ गिरा था। बैल के आगे की दो टांगें तुंगनाथ में गिरीं। यह जगह केदार के रास्ते में पड़ता है। बैल का नाभि वाला हिस्सा हिमालय के भारतीय इलाके में गिरा
NOTE
मुख्य दरवाज़े से आगे और गर्भगृह में जाने की इजाज़त सिर्फ़ हिंदू धर्म के मानने वालों को ही है।
नेपाली और भारतीय नागरिकों को आम तौर पर मुफ़्त एंट्री मिलती है।
दूसरे देशों से आने वाले लोगों को एंट्री फ़ीस देनी पड़ती है।
पुरुषों और महिलाओं, कंधे और घुटने पूरी तरह ढके होने चाहिए। छोटे शॉर्ट्स, क्रॉप टॉप या टाइट/शरीर दिखाने वाले कपड़े न पहनें।
चमड़े की चीज़ें ले जाना सख़्त मना है।
ज़मीन पर रखी पूजा की चीज़ों, फूलों या तेल के दीयों के ऊपर से न गुज़रें।
सार्वजनिक रूप से प्यार का इज़हार करना मना है।
एंट्री 4 तो 12 ,5 TO
9 AARTI 6 तो 7
Panchamrit Puja 2,100
Panchamrit with Balbhog 3,100
Panchamrit Puja with Rudrabhishek and
Balbhog 7,500
Panchamrit Puja with Laghurudrabhishek
& Purabhog 15,100
Panchamrit Puja with Rudrabhishek,
Purabhog & 125,000 Deep Arati 35,000
Dugdharpan 1,100
Registration fee Rs. 200 If family
members are not available to perform the last rites, the Ghat Service Center
takes full responsibility for the process — arranging a priest, guiding
families through ceremonies,
Electric Cremation House












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