Friday, 6 October 2017

आगरा

ताजमहल फ़ारसी, तुर्क, भारतीय और इस्लामी वास्तुकला का अनोखा मिश्रण है इसे मुग़ल राजा शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज की याद मैं बनाया  था 

शाहजहां ने1631 मैं बनवाना शुरू किया  1983 मैं युनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है

टाइल आकार में संगमर्मर से बनाया गया है  उस्ताद अहमद लाहौरी इसके डिज़ाइनर थे

42-एकर  के बाग के बीच मैं है

इतिहास में पहला ज़िक्र आगरा का महाभारत के समय से माना जाता है, जब इसे अग्रवन के नाम से संबोधित किया जाता था। पहले यह नगर आयॅग्रह के नाम से भी जाना जाता था। तौलमी पहला ज्ञात व्यक्ति था जिसने इसे आगरा नाम से संबोधित किया।

ताज महल


ताज महल का मुख्या  दरवाजा


मुख्या दरवाजे से  एक झलक  






मस्जिद




मुग़ल गार्डन

इसे चार बाग़ भी कहा जाता है - मुस्लिम धार्मिक किताबो अनुसार स्वर्ग मैं चार बाग़  का वर्णन है




जाली का खूबसूरत काम






क़िला

आगरा  क़िला

अमर सिंह गेट


जहांगीर महल





अकबरी महल



दीवाने खास


मुस्समन बुर्ज
यही शाहजहां ने अपनी जिंदगी के आखिरी सात साल बिताए






दीवाने आम  


अकबर गेट

   
इत्माद -उद -दौलह  टोम्ब  


मिर्ज़ा घियास बेग इरान के एक व्यापारी थे उनके कंगाली के दौर में मुग़ल सेनापति मालिक मसूद उन्हें अकबर के दरबार ले आये  अकबर ने उनको दरबार में नौकरी पर रख लिया . अकबर की मौत के बाद जब जहाँगीर गद्दी पर बैठा उन्हें संपूर्ण मुग़ल खजाने का खजांची बना दिया. उनकी विधवा बेटी मेहरुनिशा पर  जहाँगीर की नजर पड़ी औरउन्होंने मिर्ज़ा घियास से मेहरुनिशा का हाथ मांग निकाह कर लिया. मेहरुनिशा को नूरजहाँ नाम जहाँगीर की तरफ से ही मिला था. नूरजहाँ सबसे ताकतवर मुग़ल रानी बन गई मकबरे का निर्माणनूरजहाँ ने  बनवाया था ये पहली ईमारत है जो पूरी तरह से संगमरमर से बनाई गई है. ताजमहल का डिजाईन इसी मकबरे से लिया गया है.





सिकंदरा




Friday, 22 September 2017

पटियाला

ये शहर अपनी अनूठी संस्कृति पटियाला पग , जूती , परांदे एवं पटियाला सलवार के लिए फेमस है  देश का प्रथम डिग्री कॉलेज भी यहाँ 1870 मैं खुला था। आज भी शिक्षा के क्षेत्र मैं यह शहर आगे है  पंजाब का स्पोर्ट्स ट्रेनिंग भी यही होता है यहाँ बहुत से दर्शन करने लायक सथल है

किला मुबारक परिसर


दरबार हॉल


दर्शनी दियोडी



बारादरी  





गुरुद्वारा दुःख निवारण साहिब  










काली माता मंदिर  













क़िला मुबारक का बाहरी हिस्सा  


बावन भगवान् का मंदिर  


चौधरी कचोरी वाला
इस दूकान ने पचास साल पुरे कर लिए है तरुण चौहान की देख रेख मैं यह दूकान अपनी खस्ता कचोरी , समोसा एवं पूरी के लिए मशहूर है  




पटियाला के जूती

पटियाल सूट के बाद कुछ मशहूर है तो वो है पटियाल की जुटी एवं परांदे


बसंती हट्टी सेठ दी

क़िला बाजार मैं 125  साल पुरानी इस दूकान पर आप को पंजाबी जुत्ती , पोठा हारी , खुस्सा , फुलकारी  , दबका , चमड़े , जरी वाली।  शेरवानी वाली एवं अन्य कई प्रकार के डिज़ाइन मिल जाये गे इस दूकान को अब सेठ जी की चौथी पीड़ी के मुखिया राजीव सेठ जी चला रहे है











झांकी बनाने वाले कारीगर


मल्होत्रा पकोड़े वाला

इस दूकान के पनीर के पकोड़े अपनी बेहतरीन पनीर के इस्तेमाल के कारन प्रसीद है - शुद पनीर मैं मसाला भर कर डीप फ्राई पकोड़े आपको चटकारे लेने के लिए मजबूर कर देगी - इस दूकान की खास बात है इन पकोड़ो के साथ दी जाने वाली चटनी - जो इनके द्वारा अपने ही गुप्त मसालों से तैयार की जाती है - चटनी इतनी अच्छी है कि कुछ लोग केवल चटनी ही खरीद कर ले जाते है -इसी दूकान की गुलाब जामुन  भी बेहद अच्छे है - हलकी आंच पर पके हुए  गुलाब जामुन की ऊपरी सतह   हलकी सी क्रिस्पी , बहुत ही कम मीठे , एवं गुलाब जल की महक इन गुलाब जामुनों का स्वाद आप को बरसो याद रहे गा\



पांच रंग के गोलगप्पे

यही क़िले के पास  ही एक दूकान पानी के पांच अलग अलग स्वाद वाले गोलगप्पे परोसती है इसमें अदरक वाला हींग वाला दही वाला मीठे पानी वाला गोलगप्पा आपको यादगार स्वाद देगा






चिकन वाले गोलगप्पे

पटियाला के निवासी शुरू से ही खाने पीने एवं अपने मस्त सवभाव के लिए दुनिया मैं मशहूर है - गोलगप्पे भारत मैं अपनी अलग जगह बना के बैठे है - फिर पटिआला निवासी इसमें अपने रंग भरते यह तो हो नहीं सकता था - पुचका , पानी पूरी , गोलगप्पे  अनगिनत नाम अनगिनत स्वाद - गोवा मैं गरम गोलगप्पे  खाने के बाद मुझे पटियाला मैं अलग स्वाद के गोलगप्पे खाने का मौका मिला यहाँ मैंने खाये मुर्गे की फिलिंग वाले गोलगप्पे - उबले चिकन मैं सॉस की अलग किस्मे मिला कर तैयार किये गए एवं गरम गरम परोसे गए - इसमें अचारी स्वाद , मोएनीस के साथ मिक्स चिकन , ग्रीन चटनी को मिक्स कर के परोसा गया - ये दूकान क़िला मुबारक के पीछे है


शेरां वाले गेट के भठूरे

भठूरे चने तो आप ने खूब खाये होंगे परन्तु पटियाला आये तो इस दूकान मैं जरूर आनंद ले


टिपरी नृत्य

पटियाला शहर की एक खास पहचान बनाता है यहाँ का कल्चर - नार्थ जोन कल्चरल सेंटर का ऑफिस यहाँ होने के कारन भी यहाँ कला की गतिविधिया चलती रहती है - इस शहर ने अनेक कलाकारों को जनम दिया है परन्तु टिपरी नामक नृत्य केवल पटियाला मैं ही होता है - इस नृत्य की एक खास बात यह है कि यह केवल बावन भगवन को समर्पित डोवासदी जिसे बावन डोवासदी कहते है उसी दिन होता है


अयोध्या-SRI RAM MANDIR

  सरयू नदी के तट पर बसी , ऐतिहासिक नगरी , प्रभु श्री राम की जन्मस्थली , मोक्षदायिनी अयोध्या , भारत के   सात पवित्र नगरों मे...