Sunday, 30 August 2026

कुशीनगर

 


लुम्बिनी नेपाल से हम जायेगे कुशीनगर वाया गोरखपुर

लुम्बनी से गोरखपुर लगभग 115 से 130 किलोमीटर है टैक्सी से 3 hrs



लुम्बिनी -से भैरहवा पहुंचा जाता है।इंडियन साइड  बॉर्डर को सोनौली बॉर्डर कहते है यहां से  गोरखपुर होते हुए 55km kusinagar  1 hrs.यहाँ पहुँचने के लिए सड़क, रेल और हवाई मार्ग जैसे विभिन्न परिवहन साधन उपलब्ध हैं।

लुम्बनी मे बुध का जनम सथल है तो कुशीनगर मे यह वह स्थान है जहाँ उन्हें मृत्यु और मोक्ष प्राप्त हुआ था। लगभग 483 ईसा पूर्व 80 वर्ष की आयु में गौतम बुद्ध ने कुशीनगर में ही शरीर त्याग किया था


यहां कई सुंदर पर्यटक आकर्षण हैं जैसे मथाकौट मंदिर, जापानी मंदिर, वाट थाई मंदिर, चीनी मंदिर, रामाभर स्तूप, बिरला मंदिर, सूर्य मंदिर,


 रामभर स्तूप - भगवान बुद्ध का अंतिम संस्कार यहीं किया गया था।




परिनिर्वाण स्तूप -बौद्ध धर्म के अनुसार, बुद्ध के दाह संस्कार के अवशेष इसी स्तूप में रखे गए हैं।   यहां भगवान बुद्ध की 20 फीट लंबी लेटी हुई प्रतिमा है। 1876 में खुदाई के दौरान यह प्रतिमा  मिली थी।

जहाँ उनका जन्म हुआ था (लुम्बिनी) , जहाँ उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ (बोधगया) , जहाँ उन्होंने सर्वप्रथम उपदेश दिया (सारनाथ ) , और जहाँ उन्होंने निर्वाण प्राप्त किया (कुशीनगर )







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