Monday, 26 June 2017

भोले की नगरी बैजनाथ -हिमाचल प्रदेश


बैजनाथ

प्राचीन गोमती नदी के तट पर स्थित बैजनाथ 1,130 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह स्थान भगवान शिव के 13वीं शताब्दी में नगोरा शैली में बने प्रसिद्ध मंदिर के लिए जाना जाता है

बैजनाथ का पुराना नाम कीरग्राम था  काँगड़ा जिला हिमाचल का यह शहर शिव भगवान् के 13th A.D के मंदिर के लिए पर्सिद है जिसे वैद्य नाथ मंदिर भी कहा जाता है जिसका अर्थ है वैद का देवता 
धार्मिक मान्यता अनुसार रावण ने शिव जी की घोर तपस्या की उनसे वरदान माँगा की वो उसके साथ लंका चले शिव जी ने अपने आप को शिला के रूप मैं रावण को सौंप दिया इस शरत के साथ की वो लंका तक इसको नीचे नहीं रखे गा परन्तु यहाँ कर रावण ने लघु शंका के लिए शिवलिंग को यहाँ रख दिया और शिव लिंग यही पे स्थापित हो गए 


मंदिर मैं लगे शिलालेख अनुसार1126  मैं 2 भाईओं मन्युका तथा आयुका ने इसे बनवाया था

1204  से यहाँ पूजा हो रही है 


श्रदालु नंदी के कान मैं अपनी इच्छा बताते हुए



स्थानीय ग्राम देवता का मोहरा


माँ काली की यह मूर्ति अपनी कला के कारन अद्भुत मानी जाती है





शिवरात्रि को यहाँ मेला लगता है


बैजनाथ से पहले यहाँ के राजा का महल जो अब होटल मैं कन्वर्ट किया जा चूका है देखने लायक है यहाँ पर आप हिमाचली खाने जैसे खट्टा  मॉस , कांगरी धाम का लुतफ ले सकते है 




















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