Wednesday, 3 June 2020

भोपाल के दर्शनीय स्थल

भोपाल
भोपाल मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी है भोपाल को राजा भोज की नगरी तथा झीलों की नगरी कहा जाता है भोपाल का प्राचीन नाम भूपाल है आज का भोपाल एक नहीं दो शहरों से बना है पुराना  भोपाल एवं नया भोपाल ,एक बड़ा ताल के एक साइड दूसरा दूसरी साइड ये मध्य प्रदेश की राजधानी भी है लोक कथा अनुसार यह शहर राजा भोज ने 11th A.D मैं स्थापित किया था
भोपाल की पहचान भोपाल के बड़े तालाब से है

भोज ताल
इंडिया की सबसे बड़ी इंसानो द्वारा खोद कर बनाई झील है इसके बीच मैं राजा भोज की मूर्ति भी लगी है इसे बड़ा तालाब भी कहा जाता है भोज ताल का  निर्माण राजा भोज(1005-1055) ने करवाया था झील के चारो तरफ बाद मैं शहर बसाया गया भोज ताल के पास एक और झील है जिसे छोटा तालाब कहते है झील के किनारे बोट क्लब है जो वाटर स्पोर्ट्स का मुख्य केंद्र है


कहा जाता है!---"तालों में ताल भोपाल ताल बाकी सब तलैया





बिरला मंदिर

उद्योगपती बिरला द्वारा बनवाये गए मंदिर बिरला मंदिर कहलाते है उन्होंने ने पुरे भारत मैं बिरला मंदिर बनवाये है भोपाल मैं यह मंदिर भगवन लष्मी नारायण को समर्पित है यहाँ एक म्यूजियम भी है



इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय

ये 200 acre मैं फैला है इसकी विस्तृत जानकारी के लिए नीचे दिए वेबसाइट को देखे





मोती मस्जिद, भोपाल
इस मस्जिद को कदसिया बेगम की बेटी सिकंदर जहां बेगम ने 1860 ई. में बनवाया था।



मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय

mptribalmuseum.com/












ताज उल मस्जिद
एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद है 23,000 sq feet  मैं फैली है














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